चंद्र केतु
✅1. चंद्र मन है, केतु बिना सिर का ग्रह है। जातक का मन है ही नहीं, बिना सिर के चलता है। बाहर से शांत दिखता है, अंदर से मन हर वक्त भागता रहता है। इसीलिए खुद को समझा ही नहीं पाता। ✅1. चंद्र मन है, केतु बिना सिर का ग्रह है। जातक का मन है ही नहीं, बिना सिर के चलता है। बाहर से शांत दिखता है, अंदर से मन हर वक्त भागता रहता है। इसीलिए खुद को समझा ही नहीं पाता। ✅2. अकेलेपन का भूखा। भीड़ से नफरत, अकेले में मजा। सबके बीच बैठा है पर मन कहीं और। इसीलिए दोस्त कम, दुश्मन भी कम, पर अकेलापन पक्का। ✅3. माँ से अनबन पक्की। BNN में चंद्र माँ है, केतु सामने आ गया तो माँ से दूरी। माँ जो कहेगी, वही सबसे बुरा लगेगा। माँ की चिंता ज्यादा, माँ का सुख कम। ✅4. माँ के रहते हुए भी माँ जैसा खुद बनना। घर में माँ है, पर घर सम्भालता यही है। माँ की फिक्र में ही जिंदगी निकलती है, माँ का साया भारी। ✅5. आँखों में खालीपन, पर आँखों में ही पानी। आँखें हमेशा नम, रोना अकेले में। नजर ऐसी कि सामने वाला सोच में पड़ जाए, ये सोच क्या रहा है। ✅6. सिर में भारीपन, नींद गायब, मन में भूत। चंद्र सिर का पानी है, केतु धुआं है। धुआं पानी में घु...