#षष्टम #भाव

#षष्टम  #भाव

🙏#नमस्कार #मित्रों 🙏
आज जन्म कुंडली के षस्टम भाव की बात करते हैं इस स्थान से शत्रु  रोग अनिस्ट निराशा सुख-दुख, विघ्न देश मानसिक चिंता व विस्फोटक चोट भूमि चोर है सेवक सौतेली मां नाभी, उदर आंत अशुभ कर्म आदि का विचार इसी भाव से किया जाता है।
जन्मपत्री के छठे भाव से आती हैं समस्याएं, मनुष्य अपने भाग्य द्वारा बंधा हुआ है। उस पर ग्रहों का जो प्रभाव होता है, उसके अनुसार ही उसका जीवन चलता है। यह किसी के वश की बात नहीं है कि वह अपनी इच्छानुसार अपने जीवन को मोड़ ले अथवा बिना भाग्य कोई लक्ष्य प्राप्त कर ले। कार्य को करने के दौरान हमारे सामने कई बार समस्याएं भी आती हैं। इन उलझनों को कुंडली के छठे घर में देखा जाता है। जन्मपत्री में छठा घर बीमारी, शत्रु और ऋण का माना गया है जिसका कारण ग्रह मंगल है। छठा भाव यदि कमजोर हो तो जातक को बीमारी, ऋण और शत्रुओं से परेशानी आ सकती है। अचानक चोट या कष्ट आ सकता  है, पिता और मामा के लिए भी खराब और यात्रा में हानिप्रद होता है।
छठा स्थान रोग, शत्रु, कर्ज एवं नौकरी का है। बहुत से लोग नौकरी के पीछे-पीछे फिरते हैं। कर्मचारी लोग स्कूटर, मकान के लिए ऋण चाहते हैं।
👉👉 मित्रों छठा स्थान पत्नी के स्थान से खर्चा के स्थान हुआ जब किसी व्यक्ति की कुंडली में छठे स्थान काफी प्रबल चलाएंमान य दशा में होता है तो उसका जीवन साथी जरूर परेशान रहता है उसके साझेदार परेशान रहते हैं।
🌺#कुछ #योग🌺
✅ यदि छठे भाव में प्रबल मंगल हो तो शत्रुहन्ता योग का निर्माण होता है। ऐसे जातक के शत्रु उसके नाम से कांपते हैं 
 ✅छठे घर में बलवान राहू हो तो ऐसा जातक अपने विरोधी की जमानत जब्त कराकर तबाह कर देता है। ✅छठे घर में मंगल-शनि वाले जातक की हिंसक, पशु और बेल तुड़ाकर भागे हुए जानवर से दुर्घटना, आप्रेशन एवं कैंसर अथवा तंत्र द्वारा या हाईवे पर दुर्घटना में अकाल मौत की आशंका होती है।
 ✅यदि लग्नेश व षष्ठेश निर्बल हो तथा लग्नेश क्रूर ग्रहों के मध्य फंसा हो तो ऐसे जातक हत्या के शिकार हो जाते हैं।
✅परन्तु लग्नेश एवं गुरु के बलवान वाले जातक का शत्रु बाल भी बांका नहीं कर सकते।
✅ जिस व्यक्ति की कुंडली में छठे या अष्टम भाव में चंद्रमा-बुध के साथ बैठा हो तो ऐसे जातक की मृत्यु जहर से होती है।
✅ जन्मपत्री के 6, 8, 12वें भाव में चन्द्रमा हो तो ऐसे जातकों पर पानी में डूबने का खतरा मंडराता रहता है। ✅छठे घर में राहु-शनि की युति हो या दृष्टि पड़ती हो तो शत्रु द्वारा तांत्रिक प्रयोग अवश्य होता है। ईर्षालु गुप्त शत्रु तांत्रिक प्रयोग द्वारा ऐसे जातक को अवश्य कष्ट पहुंचाते हैं और शत्रु कार्य में बाधा उत्पन्न करते हैं।
✅ यदि शुक्र छठे भाव में अशुभ स्थिति में हो तो रीढ़ की हड्डी में कमजोरी व पैर की पिंडलियों में दर्द रहता है। ✅फास्ट फूड का संबंध राहु व शनि से है। सिगरेट, तम्बाकू एवं शराब का संबंध राहु से है। इनके सेवन से राहू खराब हो जाएगा और बीमारी शुरू।
✍️धन स्थान का स्वामी जब छठे स्थान पर होता है ऐसे लोग शत्रु से धन संचय करते हैं परंतु पैतृक संपत्ति मिलने में कहीं न कहीं समस्या बनती है।
✍️ यहां शुक्र हमेशा गलत फल देता हैं दांपत्य जीवन खराब करता है।
मित्रों और भी कई योग होते हैं हर एक ग्रह हर एक राशि हर एक नक्षत्र से प्रभाव बदलता रहता है सटीक समाधान के लिए कुंडली का अवलोकन कराएं।
🌺जय मां विंध्यवासिनी 🌺

Note- 
जिन लोगों के लिए कभी ग्रुप में या मेरे आईडी पर पिछली पोस्ट कोई देखने में /ढूंढने में दिक्कत होती है तो आप मेरे पेज से जुड़े और रेगुलर ज्योतिष से संबंधित जानकारी पाएं।

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