महाधनलक्ष्मी योगा ।

ओम शान्ति

.महाधनलक्ष्मी योगा ।

जब भी कुन्डली मे चंद्र मंगल जब कुन्डली मे एक साथ हो तो महाधनलक्ष्मी योग बनता है । 

जहाँ भी जिस भाव में यह योग बनता इन्सान को उसी भाव से धन प्राप्त होता है ।

मगर यह धन अछे तरीके से आएगा या गलत यह इंसान पर निर्भर करता है । क्योंकि इस योग मे व्यक्ति लालाची भी बन जाता है । 

जातक पैसा बहुत कमाता है ।धनी होता है । सुख भी भोगता है । मगर पैसा कैसे कमाएगा वो खुद पर निर्भर है ।
जातक निडर साहसी होता है । अब यह योग किस राशि मे बनगे ओर कौनसे लग्न मे बनेगा । उसी हिसाब से इसका फल भी होगा । ओर कितना मजबूत योग इस बात पर भी सबको अलग अलग तरह का फल देता ।

जातक मे जलन की भावना बहुत होती है जिधि किस्म का भी होता है । जिस बात पर अड़ जाये । ।

जहा यह योग महाधनलक्ष्मी योग बनाता है  वही जातक कर अन्दर धन लालसा को बड़ा देता है ।। अगर सूर्य और मंगल साथ हो तो यह जलन भावना देता है मगर जात्ताक के अन्दर साथ साथ धन मान प्रतिष्ठा के लिए लालसा पैदा करता है,  चन्दर पर मंगल की दृष्टि भी जात्ताक को लालची बनाती है


Comments

Popular posts from this blog

Chakravyuha

Kaddu ki sabzi

Importance of Rahu in astrology