यदि मंगल खराब है, तो आजमाएं
★★★यदि मंगल खराब है, तो आजमाएं 【लाल किताब 】के ये अचूक उपाय>> ★मेष व वृश्चिक राशि का स्वामी मंगल मकर में उच्च का और कर्क में नीच का माना गया है। सूर्य और बुध मिलकर मंगल नेक बन जाते हैं, सूर्य और शनि मिलकर मंगल बद बन जाते हैं। गुरु मित्र के साथ बलवान बन जाते हैं। राशि प्रथम भाव है और बुध और केतु शत्रु। शुक्र, शनि और राहु सम। मंगल के साथ शनि अर्थात राहू। लाल किताब में शत्रु और मित्र कुंडली की स्थिति के अनुसार होते हैं। लाल किताब के अनुसार यहां प्रस्तुत हैं मंगल को शुभ करने के खाने अनुसार उपाय।>>> ★★मंगल के अशुभ होने की निशानी * लाल किताब में अशुभ अर्थात बद मंगल को वीरभद्र की संज्ञा दी गई है। * ज्यादा अशुभ हो तो बड़े भाई के नहीं होने की संभावना प्रबल। * भाई हो तो उनसे दुश्मनी होती है। * बच्चे पैदा करने में अड़चनें आती हैं या पैदा होते ही उनकी मौत हो जाती है। * एक आंख से दिखना बंद हो सकता है। * शरीर के जोड़ काम नहीं करते हैं। * रक्त की कमी या अशुद्धि हो जाती है। * चौथे और 8वें भाव में मंगल अशुभ माना गया है। * किसी भी भाव में मंगल अकेला हो तो पिंजरे में बंद शेर की तरह है। * स्...