लेख पढ़ें और यह प्रयोग करें।
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मान्यता है कि रुद्राक्ष की उत्पत्ति भगवान शंकर के आंसुओं से हुई है ।रुद्राक्ष धारण करने से व्यक्ति पर भगवान शिव की कृपा बनी रहती है ।इससे व्यक्ति सारे संकटों से बचा रहता है और उसकी मनोकामनाएं भी पूरी होती है ।रुद्राक्ष को विज्ञान में भी बहुत असर कारक माना गया है।
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आओ अभी आजमाएं और तुरंत रिजल्ट पाएं-
सबसे प्रथम तो मुझे यह कहना है कि इसी शिवरात्रि में एक अच्छा और असली रुद्राक्ष जरूर धारण करें, अपनी कुंडली अनुसार।
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लेकिन पहले रुद्राक्ष की ताकत को खुद परख लें।
दो बर्तनों में पानी लीजिए एक में बहुत स्वच्छ और सात्विक पानी या किसी तीर्थ का जल तथा एक बर्तन में गंदा पानी या केमिकल वाला पानी या फिर थोड़ा सा जहर मिला पानी।
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अब एक धागे में रुद्राक्ष को लटका कर उस पानी के ऊपर लेकर आए, बारी बारी से,
स्वच्छ जल पर रुद्राक्ष शांत रहेगा या घड़ी की दिशा में घूमेगा तथा जहरिले पानी में घड़ी की उलटी दिशा में
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दूसरा प्रयोग- किसी खराब भूमि या जिस घर का वास्तु बहुत खराब हो उसी तरीके से रुद्राक्ष को भूमि के नजदीक लेकर आएं रुद्राक्ष धीरे-धीरे हल्का-हल्का उलटी दिशा में घूमना शुरू हो जाएगा।
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आब एक अच्छी और पवित्र भूमि पर रुद्राक्ष को आजमा कर देखें वहां वह सही दिशा में घूमेगा।
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रुद्राक्ष का आकार कुछ कुछ हमारे दिमाग जैसा है।
हमारा दिमाग 1,2 4, 8 तथा 16 के भाग में बटा हुआ है
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ऐसे ही रुद्राक्ष के भी अपने एक भाग हैं और अपनी कैलकुलेशन है।
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रुद्राक्ष के आसपास के माहौल...... पॉजिटिव वाइब्रेशन को संग्रह करने की अद्भुत शक्ति है तथा निगेटिव वाइब्रेशन और माहौल को दूर करने की पावर।
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यानी अगर आप एक रुद्राक्ष पहन लेते हैं और अगर रुद्राक्ष की पूरी मेमोरी मंत्रों के स्पंदन से भरी हुई है यानी रुद्राक्ष पर मंत्रों का जाप किया हुआ है तो यह कमाल का काम करता है।
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सबसे पहले आपको नजर नहीं लगेगी, आप कहीं भी बाहर गए हैं और लंबी यात्रा कर रहे हैं तो आपको थकान नहीं होगी, एनर्जी बनी रहेगी।
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यह हमारे चारों तरफ मौजूद ओरा को टूटने नहीं देता, वरना लंबा सफर करके हमारा ओरा टूट जाता है
और बहुत थकान महसूस होती है।
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दूसरा आप बाहर भोजन कर रहे हैं पानी पी रहे हैं तो आप दूषित पानी और दूषित भोजन से बच सकते हैं
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बस भोजन के ऊपर तथा पानी के ऊपर रुद्राक्ष रखिए और पता कर लीजिए कि यह जहरीला है या खाने लायक
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आपने रुद्राक्ष पहना है तो जाने अनजाने आसपास भूत प्रेत छाया असर नहीं करेगी।
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क्योंकि यह नेगेटिव एनर्जी को दूर भगाता है
आपके ओरा में एक स्पंदन एक वाइब्रेशन को छोड़ता है रुद्राक्ष अपना एक दायर बनाता है।
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यह तय करता है कि क्या अच्छा है और क्या बुरा।
किसे संग्रहण करना है और किसे दूर।
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आप यह स्वयं आजमा कर देखें,
जैसा कि मेरे यहां स्पंदित किए हुए और अभिमंत्रित किए हुए रुद्राक्ष उपलब्ध हैं।
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रुद्राक्ष कितने मुखी है तथा कुंडली के अनुसार जातक को को कितनी जरूरत है उतना ही मन्त्र जप किया जाता है
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अगर बहुत कमजोर जातक को ज्यादा स्पंदित किया हुआ रुद्राक्ष पहना दिया जाए तो चलते फिरते उसकी टांगे फुलेगी उसे अपना बोझ ज्यादा लगेगा, थकान हावी होगी
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पर अगर हमारे शरीर की सही एनर्जी के अनुसार रुद्राक्ष पहना जाए तो इसके उलट थकान होती ही नहीं।
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वाणी में तेज बना रहता है आपका प्रभाव बढ़ जाता है कई मामलों में आप काफी प्रभावशाली हो जाते हैं।
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अगर घर के मंदिर में भी एक प्रभावशाली रुद्राक्ष रखा हो तो वह भी वहां आसपास की नेटिविटी और वास्तु दोष को खत्म करता है।
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आप इस शिवरात्रि में रुद्राक्ष जरूर जरूर पहने
और खुद आजमा कर देखें ।
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मेरे यहां भी असली और स्पंदित किये हुए रुद्राक्ष उपलब्ध है, पर आप अपनी स्वेच्छा से जहां मन करे खरीदें।
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एक रुद्राक्ष हर हिंदू हर सनातनी के गले में जरूर होना चाहिए, रुद्राक्ष की अपनी मेमोरी है और यह भी हमारी तरह कुछ चीजें तय करता है।
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हमारी बुद्धि भ्रमित हो सकती है क्योंकि हमारे पास तर्क है पर रुद्राक्ष के पास केवल कर्म और एक फिक्स मेमोरी है।
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वह बस गलत को दूर करता है और सही को सोखता है
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रुद्राक्ष की एक खासियत और है।
रुद्राक्ष जीतना पुराना होता जाता है इतना पावरफुल होता जाता है। आपने रुद्राक्ष पहन रखा है आप कितनी भी यात्रा कर ले कहीं भी जाकर पानी या खाना बदलने पर नुकसान नहीं होगा।
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अच्छी बुरी जगह बैठने पर नुकसान से बचेंगे
किसी का बिस्तर किसी का टावल या आपसे पहले किसी चेयर पर कोई और बैठा है वहां उसका नेगटिव ओरा बिखरा हुआ है आप उसके नुकसान से बचेंगे।
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इसको पहनने से कभी रक्तचाप नहीं होता यह बहुत सारी बीमारियों से हमें बचाता है
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हमारे व्यक्तित्व को सुगठित तथा एकत्रित करके रखता है जीवन को बिखरने से बचाता है
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पर रुद्राक्ष अपने शरीर की एनर्जी और अपनी कुंडली के अनुसार ही पहने।
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इसका सबसे बड़ा सबूत कई बाबाओं ने ढेर सारे रुद्राक्ष पहने होते हैं।
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आपको हमेशा वह डिस्टर्ब बहुत अहहकारी तथा थोड़े से असामाजिक लगेंगे।
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अगर कोई उच्च कोटि का साधक नहीं है मंत्र शक्ति या तंत्र शक्ति से उर्जा को नियंत्रित करना नहीं जानता तो उसे बहुत ज्यादा मात्रा में रुद्राक्ष नहीं पहनना चाहिए।
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शरीर की ऊर्जा और दिमाग डिस्टर्ब हो जाएगा
तथा जीवन कई मामलों में अव्यवहारिक होगा।
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पर वही एक आम सामाजिक व्यक्ति को सही रुद्राक्ष एक प्रभावशाली तथा उच्च कोटि का जीवन प्रदान करता है
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संतान उत्पत्ति के प्रयास के समय भी पति पत्नी ने अगर रुद्राक्ष पहना हो तो बहुत उच्च कोटि की आत्मा ही गर्भ
में प्रवेश करती है,
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तब कोई ऐसा जीव गर्भ में प्रवेश नहीं करेगा जो पहले लंबे समय से प्रेत योनि में रहा हो और अब उसका जन्म होने का समय हो। तब एक शुद्ध और सात्विक जीवन ही आपके घर जन्म लेगा।
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