आपकी #कुंडली और #राजयोग-
आपकी #कुंडली और #राजयोग-
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#सूर्य से बनने वाले #योग-
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१- सुर्य + गुरु --- कलत्र धनयोग
२- सुर्य + मंगल --- किम्बहुना राजयोग
३- सुर्य + चंद्र --- यामिनी नाथ योग
४- सुर्य + शुक्र --- माल्वय योग
५-सूर्य + मंगल --- पराक्रम भंग योग
६- सुर्य + शनि --- विवाह भंग योग , पितृ दोष
7- सूर्य + राहु या केतु --- ग्रहण योग
#चंद्र से बनने वाले #योग-
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१- चंद्र + मंगल --- लक्ष्मी योग
२- चंद्र + शनि --- विष योग
३- चंद्र + बुध --- विपरीत राजयोग
४- चंद्र + शुक्र --- लक्ष्मी योग
५-चंद्र + राहु व केतु --- ग्रहण योग
#मंगल से बनने वाले #योग-
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१- मंगल + शनि --- शश योग
२- मंगल + गुरु --- राजमुल धनयोग
३- मंगल + शुक्र --- माल्वय योग
४- मंगल + बुध --- संतान हीन योग
५- मंगल + राहु --- द्विभार्या योग
६- मंगल + केतु --- दुर्घटना योग
#बुध से बनने वाले #योग-
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१- बुध + गुरु --- नीचभंग राजयोग
२- बुध + सुर्य --- बुधादित्य योग
३- बुध + केतु --- शल्य योग
४ बुध + शुक्र --- माल्वय योग
५ बुध + राहु --- चर्म रोग योग
#गुरु से बनने वाले #योग-
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१- गुरु + राहु --- चांडाल योग
२- गुरु + केतु --- आर्थिक चांडाल योग
३- शुक्र + राहु --- लम्पट योग
४- शुक्र + केतु --- काम इच्छा बलवती योग
कुछ युतियां योग के स्थान पर दोष कहलाती है। फलित में बताया जाएगा। युति किस भाव या राशि में है, यह भी विचारणीय है।
👉ग्रहों के बलाबल के आकलन के बाद ही उपरोक्त योगों का सटीक फलादेश किया जा सकता है
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