आपकी #कुंडली और #राजयोग-

आपकी #कुंडली और #राजयोग-
   ===================

#सूर्य से बनने वाले #योग-
------------------------------

१- सुर्य + गुरु --- कलत्र धनयोग

२- सुर्य + मंगल --- किम्बहुना राजयोग

३- सुर्य + चंद्र --- यामिनी नाथ योग

४- सुर्य + शुक्र --- माल्वय योग

५-सूर्य + मंगल --- पराक्रम भंग योग

६- सुर्य + शनि --- विवाह भंग योग , पितृ दोष

7- सूर्य + राहु या केतु --- ग्रहण योग

 #चंद्र से बनने वाले #योग-
------------------------------

१- चंद्र + मंगल --- लक्ष्मी योग

२- चंद्र + शनि --- विष योग

३- चंद्र + बुध --- विपरीत राजयोग

४- चंद्र + शुक्र --- लक्ष्मी योग

५-चंद्र + राहु व केतु --- ग्रहण योग 

 #मंगल से बनने वाले #योग-
-------------------------------

१- मंगल + शनि --- शश योग

२- मंगल + गुरु --- राजमुल धनयोग

३- मंगल + शुक्र --- माल्वय योग

४- मंगल + बुध --- संतान हीन योग

५- मंगल + राहु --- द्विभार्या योग

६- मंगल + केतु --- दुर्घटना योग

 #बुध से बनने वाले #योग-
------------------------------

१- बुध + गुरु --- नीचभंग राजयोग

२- बुध + सुर्य --- बुधादित्य योग

३-  बुध + केतु --- शल्य योग

४ बुध + शुक्र --- माल्वय योग

५ बुध + राहु --- चर्म रोग योग 

 #गुरु से बनने वाले #योग-
------------------------------

१- गुरु + राहु --- चांडाल योग

२- गुरु + केतु --- आर्थिक चांडाल योग

३- शुक्र + राहु --- लम्पट योग

४- शुक्र + केतु --- काम इच्छा बलवती योग 

कुछ युतियां योग के स्थान पर दोष कहलाती है। फलित में बताया जाएगा। युति किस भाव या राशि में है, यह भी विचारणीय है।

👉ग्रहों के बलाबल के आकलन के बाद ही उपरोक्त योगों का सटीक फलादेश किया जा सकता है

Comments

Popular posts from this blog

श्री वृन्दावन धाम के सप्त देवालय

Chakravyuha

Jupiter & Marriage (in D9 Navamsa Chart)⚜️