वास्तु ज्ञानामृत 🛕*
*🛕 वास्तु ज्ञानामृत 🛕* *वास्तुशास्त्र और आरोग्य* 'वास्तु' शब्द का अर्थ है-निवास करना। जिस भूमि पर मनुष्य निवास करते हैं, उसे 'वास्तु' कहा जाता है। वास्तु शास्त्र में गृह-निर्माण सम्बन्धी विविध नियमों का प्रतिपादन किया गया है। उनका पालन करने से मनुष्य को अन्य कई प्रकार के लाभों के साथ-साथ आरोग्य लाभ भी होता है। वास्तु शास्त्र के विशेषज्ञ किसी मकान को देखकर यह बता सकता है कि इसमें निवास करने वाले को क्या क्या रोग हो सकते हैं। इस लेख में संक्षिप्त रूप से ऐसी बातों का उल्लेख करने की चेष्टा की जाती है, जिनसे पाठकों को इस बात का दिग्दर्शन हो जाय कि गृह-निर्माण में किन दोषों के कारण रोगों की उत्पत्ति होना सम्भव है । १. भूमि-परीक्षा👉 भूमि के मध्य में एक हाथ लंबा, एक हाथ चौड़ा और एक हाथ गहरा गड्ढा खोदे। खोदने के बाद निकाली हुई सारी मिट्टी पुनः उसी गड्ढे में भर दे। यदि घड़ा भरने से मिट्टी शेष बच जाय तो वह उत्तम भूमि है। यदि मिट्टी गड्ढे के बराबर निकलती है तो वह मध्यम भूमि है और यदि गड्ढे से कम निकलती है तो वह अधम भूमि है। दूसरी विधि👉 उपर्युक्त प्रकारसे गड्ढा खोदकर उसमें पानी...