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ससुराल से लाभ और ग्रह

ये योग बताते हैं शादी के बाद मिलता है  पुरुष को अमीर ससुराल 👉 🌟ज्योतिष शास्त्र के अनुसार कुंडली में  ऐसे योग होते हैं जो बताते हैं कि व्यक्ति की शादी किसी अमीर घर में हो सकती है और उसे ससुराल से धन लाभ हो सकता है। जानते हैं कुंडली के उन योगों के बारे में जो ससुराल से लाभ मिलने का संकेत देते है. ⭐⭐⭐⭐⭐⭐⭐⭐ 1 -  जब कुंडली में चतुर्थ भाव का स्वामी या द्वितीयेश (द्वितीय भाव का स्वामी) सप्तम भाव में हो और उस पर शुक्र की दृष्टि या शुक्र साथ हो तो व्यक्ति की ससुराल से अचानक  लाभ मिलता है। 2 -  कुंडली में सप्तमेश , सप्तम भाव का स्वामी एवं धनेश (द्वितीय भाव का स्वामी) एक ही राशि में हो और उन पर शुक्र की दृष्टि पड़ रही हो तो ससुराल से मदद मिलती है। 💎💎💎💎💎💎💎💎 3 -  कुंडली में चंद्रमा सप्तम भाव का स्वामी हो या चंद्रमा धन भाव (दूसरा भाव) में हो तो ससुराल धनी होता है। 💎💎💎💎💎💎💎💎 4-  द्वितीय भाव का स्वामी सप्तम भाव में हो और उस पर शुक्र की दृष्टि पड़ रही हो तो ससुराल से फायदा मिलता है। 💎💎💎💎💎💎💎💎 5 - कुंडली के चतुर्थ भाव का स्वामी सप्तम में तथा सप्त...

गोमती चक्र के कुछ अचूक उपाय

गोमती चक्र के कुछ अचूक उपाय गोमती चक्र एक दुर्लभ प्राकृतिक और आध्यात्मिक शैल पत्थर है. यह गोमती नदी में प्राकृतिक रूप से पाया जाता है. यह भगवान श्रीकृष्ण के सुदर्शन चक्र का सूक्ष्म स्वरूप माना जाता है, समुद्र मंथन के दौरान गोमती चक्र की उत्पत्ति शास्त्रों में कही गई है, इसके बहुत सारे ज्योतिषीय उपाय सुझाए गए है, जिन्हे अपनाकर कई समस्याओं का समाधान अचूक तरीके से होता है, कार्तिक माह में इसके प्रयोग और भी ज्यादा सिद्ध हो जाते है...कुछ उपाय निम्न है... * यदि किसी की दुकान को नजर लग गई हो या तांत्रिक टोटका के कारण व्यवसाय रुक गया हो तो 11 अभिमंत्रित गोमती चक्र लाल वस्त्र में बांधकर दुकान के मुख्य द्वार या चौखट पर बांध दें, तांत्रिक अभिकर्म समाप्त होंगे। * प्रमोशन नहीं हो रहा हो तो 11 गोमती चक्र लेकर सोमवार के दिन शिवलिंग पर चढ़ा दें। यह उपाय लगातार 7 सोमवार करें। निश्चित ही प्रमोशन के रास्ते खुल जायेंगे। * तीन गोमती चक्र पर शत्रु का नाम लिखकर उन तीनों गोमती चक्रों को जमीन में गाड़ दें तो शत्रु परास्त रहते हैं।  * यदि बुधवार के दिन 7 गोमती चक्र सिर से 7 बार उल्टा धुमाकर 7 दिशाओं में फैं...

मंगल

वैदिक ज्योतिष : कुंडली के 12 भावों में मंगल का प्रभाव और आप पर असर मंगल को देवताओं का सेनापति माना जाता है। इसके कारक देव श्रीराम भक्त हनुमान माने गए हैं, वहीं सप्ताह में इसका दिन मंगलवार है। इस दिन श्री हनुमान के अलावा मां भगवती की पूजा का भी विधान है। वैदिक ज्योतिष में मंगल एक क्रूर ग्रह है। मनुष्य जीवन के लिए यह बड़ा प्रभावकारी ग्रह है। मंगल दोष के कारण लोगों के विवाह में कठिनाई आती है। इसके हमारी जन्म कुंडली में स्थित सभी 12 भावों में इसका प्रभाव भिन्न होता है। वहीं मंगल का रत्न मूंगा जबकि रंग लाल माना जाता है। मंगल के प्रमुख मंत्र... मंगल का वैदिक मंत्र : ॐ अग्निमूर्धा दिव: ककुत्पति: पृथिव्या अयम्। अपां रेतां सि जिन्वति।। मंगल का तांत्रिक मंत्र : ॐ अं अंङ्गारकाय नम:।। मंगल का बीज मंत्र : ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः।। स्वभाव: राशियों से संबंध वैदिक ज्योतिष में मंगल ग्रह ऊर्जा, भाई, भूमि, शक्ति, साहस, पराक्रम, शौर्य का कारक होता है। मंगल ग्रह को मेष और वृश्चिक राशि का स्वामित्व प्राप्त है। यह मकर राशि में उच्च होता है, जबकि कर्क इसकी नीच राशि है। वहीं नक्षत्रों में यह मृगशिरा, ...

आप ने अलमारी को घर के किस कोने में रखा हैं,

आप ने अलमारी को घर के किस कोने में रखा हैं, अलमारी के अन्दर कौन कौन सा सामान हैं, अलमारी का रंग कौन सा हैं 1. घर की अलमारी के दरवाजे कभी भी दक्षिण दिशा में नहीं खुलने चाहिए. जिन अलमारियों के दरवाजे दक्षिण दिशा की ओर खुलते हैं वो पैसो के मामले में हमेशा खाली ही रहती हैं. 2. अलमारी को कभी भी डायरेक्ट जमीन पर नहीं रखना चाहिए. उसके नीचे लकड़ी के पटिए का टेका या स्टैंड लगा देना चाहिए. आप चाहे तो अलमारी के नीचे पेपर, पन्नी या कपड़ा भी बिछा सकते हैं. 3. घर के उत्तर – पूर्वी कोने में भूलकर भी अलमारी ना रखे. इस कोने में अलमारी रखना अशुभ माना जाता हैं. 4. घर के दक्षिण पश्चिम कौने या सिर्फ पश्चिम दिशा में अलमारी को रखना शुभ होता हैं. इस जगह रखी गई अलमारी में कभी भी धन की कमी नहीं होती हैं. 5. अलमारी के अन्दर बनी तिजोरी को कभी खाली ना रखे. इसके अन्दर कुछ ना कुछ पैसे और गहने अवश्य रखे. इस तरह घर में बरकत बनी रहती हैं. 6. अलमारी के अन्दर गणेश जी और लक्ष्मी जी की तस्वीर जरूर रखे. इसे आप अलमारी के अंदरूनी या बाहरी हिस्से में चिपका सकते हैं. ऐसा करने से अलमारी के अन्दर धन की वृद्धि होती हैं. 7. अलमारी के...

BUTTER COOKIES

BUTTER COOKIES Ingredients: 200 grams pomade butter (blend at room temperature) 120 grams of sugar 280 grams of wheat flour 1 teaspoon vanilla essence Preparation: 1. In a bowl start by mixing the butter with the sugar. Remember that butter must be at room temperature in order to work well with it. We blend in pretty well. 2. Once mixed, add in the teaspoon of vanilla essence. 3. We continue with the sifted flour. We run the flour through a sinker before putting it into the bowl. We blend in pretty well. 4. Now it's time to shape them up. The easiest thing is to make a roll as you see below with the help of paper film and put it in the fridge for 1 hour or so. From there on, we'll be "cutting slices" of more or less 1 cm and baking them. 5. Put them in a cut oven tray and bake them at 180° for about 11-12 minutes. The moment we see the edges starting to gold we take them out. If you see that they are soft don't leave them anymore because I once made that mistake, ...

राहू केतु राशि परिवर्तन सिंह और कन्या राशिफल

राहू केतु राशि परिवर्तन सिंह और कन्या राशिफल राहू केतु का राशि परिवर्तन 30 अक्तूबर को होगा | राहू का गोचर मीन राशि और केतु का गोचर कन्या राशि में अगले 18 महीनो तक रहेगा | ज्योतिष में राहू को अचानक सफलता और यश का कारक बताया गया है और केतु मोक्ष और अध्यात्म का कारक ग्रह है | राहू का गोचर जिस भाव में होता है उस भाव के कार्यो को करने से जातक को अचानक यश और सफलता मिलते हैं , जबकि केतु का गोचर जिस भाव में हो उस भाव के कार्यो को करने से वैराग्य, अध्यात्म और मोक्ष की प्राप्ति होती है | राहू केतु राशि परिवर्तन सिंह राशिफल  राहू गोचर 8 भाव में  ज्योतिष में राहू को attachment of karma का कारक बताया गया है | यानि जिस भाव में राहू का गोचर होता है जातक उस भाव और भाव से जुड़े ग्रहों के कारक तत्वों की तरफ आकर्षित होता है, उन्ही कार्यो को करने के प्रयास करता है | उन कार्यो में सफलता मिलेगी या नहीं यह तो राहू नहीं बताता क्युकि कार्यो में सफलता का कारक ग्रह गुरु होता है | राहू के इस गोचर प्रभाव से सिंह राशि के जातक 8वे भाव से जुड़े कार्यो को करने के प्रयास करेगे जैसे कि अष्टम भाव जीवन में अचानक हो...

विवाह बाधा

राम राम, विवाह में बाधा पहुंचाने वाले कुछ योग:- * शनि सप्तम भाव में स्वगृही हो एवं सूर्य से सप्तमस्थ होने पर विवाह में बाधा अवश्य आएगी। * सूर्य एवं शनि की युति लग्न में हो तो विवाह विलंब से होगा।  * चंद्रमा सप्तम भाव में एवं शनि लग्न में हो या शनि एवं चन्द्रमा की युति सप्तम भाव में हो तो विवाह में विलंब अवश्य होगा। * छठे भाव में शनि हो, अष्टम् भाव में सूर्य हो एवं अष्टमेश निर्बल (पापक्रांत) हो तो विवाह नहीं होता या पर्याप्त विलंब संभव है। * यदि सूर्य सप्तम भाव में हो, शनि की उस पर दृष्टि हो अर्थात् शनि लग्न में, पंचम भाव में या दशमभाव में हो तो भी विवाह में विलंब सभव है। * यदि सूर्य, शनि के साथ हो या शुक्र सप्तमेश हो तो विवाह में देरी अवश्य होगी। * शुक्र, चन्द्रमा परस्पर शत्रु हैं। चंद्र एवं सूर्य दोनों ही शुक्र के शत्रु हैं अतः शुक्र तथा चन्द्रमा की सप्तम भाव में स्थिति भी चिंतनीय है।जिसके कारण विवाह का सुख न्यून होता है,ऐसी अवस्था में विवाह के बाद शीघ्र तलाक भी हो जाता है। * यदि मंगल और शनि एक दूसरे से सप्तम में हो तो निश्चित रूप से विवाह में विलंब होता है। * यदि शुक्र शत्रुराशिग...